Pages

Thursday, 10 November 2016

connaught place ke HDFC Bank Me

Wednesday, 9 November 2016

500 और 1000 रुपये के नोट का चलन बंद करने के ऐलान के बाद लोगों में अफरातफरी जैसा माहौल हो गया



दो नंबर में एक जगह से दूसरी जगह पर कुछ कमिशन लेकर रुपये ट्रांसफर करने के धंधों में आंगड़िया रूट केवल देश में ही चलता है। हवाला रूट देश और विदेशों दोनों में चलता है। इस धंधे के सूत्रों ने बताया कि आंगड़िया से हवाला के धंधे में कई बार आतंकवादी गतिविधियां शामिल होती हैं इसलिए व्यापारी हवाला को प्राथमिकता न देकर आंगड़िया रूट पर भरोसा जताते हैं क्योंकि हवाला कारोबार पर देशभर की पुलिस की भी पैनी नजर रहती है।मंगलवार आधी रात से 500 और 1000 के नोट बंद होने की खबर के फौरन बाद नंबर दो में रुपयों का ट्रांसफर करने वाला आंगड़िया और हवाला रूट जाम हो गया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, देशभर में लोगों ने 500 और 1000 रुपये के नोटों के रूप में ट्रांसफर किया गया पैसा लेने से मना कर दिया। साथ ही आंगड़िया को ट्रांसफर करने के लिए बड़े व्यापारियों ने जो पैसा दिया था, उस पैसे को व्यापारी आंगड़ियों से वापस लेने से मना करने लगे।इससे इस धंधे में जबर्दस्त अफरातफरी मच गई है। ज्यादातर आंगड़ियों ने अपने फोन स्विच ऑफ कर लिए। इस लाइन में काम करने वाले सूत्रों ने बताया कि 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने की घोषणा होते ही जहां मार्केट में इसका प्रतिकूल असर पड़ने लगा, वहीं दो नंबर में आंगड़िया और हवाला के जरिये पैसों का ट्रांसफर करने वाले धंधे में भी भूचाल आ गया, जो आने वाले दिनों में जारी रहेगा।नंबर 2 में रुपयों का ट्रांसफर हुआ ठप• डेबिट, क्रेडिट कार्ड और चेक से लेन-देन होता रहेगा। 100, 50, 20, 10, 5, 2, 1 के नोट और सिक्के चलते रहेंगे।• बैंक आज• एटीएम आज और कल• दवा की दुकानों पर डॉक्टर के पर्चे से • रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और हवाई अड्डों के टिकट बुकिंग काउंटरों पर• पेट्रोल पंपों पर500 और 1000 रुपये के नोट का चलन खत्म करने के मोदी सरकार के फैसले से ब्लैक मनी कंट्रोल करने में काफी मदद मिलेगी। एक्सपर्ट का मानना है कि सरकार के इस कदम के पीछे जाली नोटों का बढ़ता प्रवाह और ब्लैक मनी है। वैसे इस कदम से इकॉनमी को भी थोड़ा झटका लग सकता है क्योंकि मार्केट में मनी फ्लो कुछ समय के लिए रुकेगा, खरीददारी कम होगी और डिमांड में गिरावट आएगी।बता दें कि कुछ समय पहले सरकार ने ब्लैक मनी खुलासा स्कीम शुरू की थी, लेकिन उसमें सिर्फ 65,000 करोड़ रुपये का खुलासा हुआ। इसके बाद इंतजार इस बात का था कि ब्लैक मनी को बाहर निकालने या फिर उस पर कंट्रोल करने के लिए सरकार क्या करती है। अंतत: सरकार ने यह कदम उठाया। मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा का कहना है कि इस वक्त मार्केट में 17 लाख करोड़ रुपये की करंसी का प्रवाह है। इसमें 500 और 1000 के नोटों की हिस्सेदारी 40 से 5 प्रतिशत तक हो सकती है। इसमें कितना पैसा ब्लैक मनी है, अंदाजा लगाना मुश्किल है आधी रात से 500 और 1000 रुपये के नोट का चलन बंद करने के ऐलान के बाद लोगों में अफरातफरी जैसा माहौल हो गया। लोगों ने एटीएम जाकर सौ-सौ के नोट निकालने शुरू कर दिए। एटीएम में भारी भीड़ जमा हो गई। आज इन नोटों को बदलने के लिए बैंकों और डाकघरों में भारी भीड़ उमड़ सकती है। हालांकि सरकार ने आज बैंकों में पब्लिक डीलिंग बंद कर दी है। बैंकों के आला अफसरों के मुताबिक, हालात से निपटने की तैयारी कर ली गई है। नोट बदलने के लिए नए काउंटर बनाए जाएंगे। अफसरों का यह भी कहना है कि 500 और 1000 के नोट बदलने के लिए उन्हें 100-100 के नोट के ज्यादा कैश की जरूरत होगी। इसका भी इंतजाम करना होगा। दूसरी तरफ पोस्ट ऑफिस में भी भीड़ हो सकती है।30 दिसंबर तक इन नोटों को जमा न करा पाने वाले लोग 31 मार्च 2017 तक अपना पहचान पत्र दिखाकर RBI से नोट बदलवा सकेंगे।10 से 24 नवंबर तक 4000 रुपये तक के 500, 1000 के नोट बदले जा सकते हैं। 25 नवंबर से 4000 रुपये की सीमा में वृद्धि कर दी जाएगी।10 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 तक अपने-अपने बैंकों और पोस्ट ऑफिस में 500, 1000 रुपये के नोट जमा कराए जा सकेंगे।रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का कहना है कि बाजार में जाली करेंसी के बढ़ते प्रवाह के मद्देनजर नोटों बदलने का फैसला लिया गया। गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा कि आरबीआई जल्द ही 500 और 2000 रुपये के नए नोट जारी करेगी। लिहाजा लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। पटेल ने बताया कि बाजार में 500 और 1000 रुपए के जाली नोटों का प्रवाह बढ़ रहा था। जांच एजेंसियों ने बताया था इससे भारतीय इकॉनमी को कमजोर किया जा रहा था। साथ ही, इसका इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी हो रहा था।500, 2000 के नए नोट जल्दजानकारों का मानना है कि अब ऑनलाइन वॉलेट की मांग बढ़ेगी। पीएम शुरू से कैशलेश इकॉनमी की पक्षधर रहे हैं, जिसकी इस कदम के बाद तत्काल मांग बढ़ जाएगी। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले किए इस फैसले को ब्लैकमनी के खिलाफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है। ब्लैकमनी मोदी के अजेंडे में रहा है, जो 2014 के आम चुनाव में बड़ा मुद्दा था। इस कदम से शुरू में देश की इकॉनमी को झटका लगेगा। इसे सरकार कैसे संभालती है और हमारी इकॉनमी कैसे इसका सामना करती है, यह देखने वाली बात होगी।सरकार का यह कदम लॉन्ग-टर्म में बेहतर साबित होगा। इससे जाली नोट का खतरा हट जाएगा और लोग कार्ड का इस्तेमाल ज्यादा करेंगे। बैंक में भी ज्यादा रकम रखेंगे। मंगलवार आधी रात के बाद से 500 और 1000 रुपये के नोट प्रचलन में नहीं रहेंगे और अवैध माने जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि भ्रष्टाचार, काले धन और सीमा पार से होने वाली नकली नोटों की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए यह कदम जरूरी है। उन्होंने कहा कि काले धन के खिलाफ सीमा पार से हमारे दुश्मन जाली नोटों के जरिए भारत में रैकेट चला रहे हैं। भ्रष्टाचार, जाली मुद्रा और आतंकवाद नासूर बन चुका है और उसने अर्थव्यवस्था को जकड़ लिया है। ऐसे में काले धन से मुकाबले के लिए सख्त कदम की जरूरत है। 500 और 2000 रुपये के नए नोट बाजार में जल्दी ही आएंगे, लेकिन इसकी डेट अभी घोषित नहीं की गई है।