मंत्र एक छोटा रास्ता है जिससे हम भगवान् का आशीर्वाद पा सकते है और अपनी इच्छा पूरी कर सकते है। नवरात्र में हम मंत्रो के द्वारा हम दैविक शक्तियों को जगा सकते है। नवरात्र में मंत्र के नियम और पालन का अच्छे से ध्यान रखकर ही मंत्र को सिद्ध किया जा सकता है ।
कुछ नियम मंत्र उच्चारण के लिए
सूर्य उदय से पहले नहा ले । स्वच्छ सफेद या नारंगी कपड़े पहनें। पूजा शुरू करने से पहले आसन पे बैठे।
एक दीया जलाये। फूल और मिठाई भगवान् को चढ़ाये। अब गहरा और सच्चे दिल से रुद्राक्ष की माला से मंत्र का जाप करे।
काली माँ सर्व सिद्धि प्रभावशाली मंत्र
ओम ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै:
पाठ : सवा लाख, पांच लाख अथवा नौ लाख जाप ;
क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं स्वाहा
नम: ऐं क्रीं क्रीं कालिकायै स्वाहा
ऐं नम: क्रीं क्रीं कालिकायै स्वाहा
इन मंत्रो का सटीक और गुरु सानिध्य में ही सही नियमो से जाप करे । काली मां दुर्गा का ही एक स्वरुप है। मां दुर्गा के इस महाकाली स्वरुप को देवी के सभी रुपों में सबसे शक्तिशाली माना जाता है। दसमहाविद्याओं में काली का पहला स्थान माना जाता है। दुष्ट, अभिमानी राक्षसों के संहार के लिए मां काली को जाना जाता है। अक्सर काली की साधना सन्यासी या तांत्रिक करते ही करते हैं लेकिन मां काली के कुछ मंत्र ऐसे भी हैं जिनका जाप कर कोई भी साधक अपने जीवन के संकटों को दूर कर सकता है।

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